पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़: बदलावों पर नज़र रखो
मेनोपॉज़ से पहले अक्सर कई साल बदलावों के होते हैं। इन पर नज़र रखने से समझ आता है कि क्या हो रहा है, और इसके बारे में बात करना आसान होता है।
पेरिमेनोपॉज़, मेनोपॉज़: क्या फ़र्क है?
मेनोपॉज़ यानी पीरियड्स का हमेशा के लिए बंद होना। इसकी पुष्टि बिना पीरियड के 12 महीने बीतने पर होती है। यह ज़्यादातर 50 साल की उम्र के आसपास होता है। पेरिमेनोपॉज़ इससे पहले का बदलाव का दौर है: यह कई साल पहले शुरू हो सकता है, अक्सर 40 के बाद।
आम संकेत
- अनियमित पीरियड्स, जल्दी-जल्दी या देर से, ज़्यादा या कम।
- हॉट फ़्लैश और रात में पसीना।
- नींद की परेशानी, रात में नींद खुल जाना।
- चिड़चिड़ापन, बेचैनी, उदासी, ध्यान लगाने में मुश्किल।
- योनि में सूखापन, यौन इच्छा में कमी, अचानक तेज़ पेशाब लगना।
- जोड़ों में दर्द, त्वचा का ज़्यादा सूखा होना।
लक्षण क्यों ट्रैक करें
ये संकेत आते-जाते रहते हैं, इसलिए अपॉइंटमेंट में इन्हें बताना मुश्किल होता है। इन्हें दर्ज करने से तुम देख सकती हो कि ये बढ़ रहे हैं, कम हो रहे हैं, या अब भी तुम्हारे चक्र से जुड़ी किसी लय में हैं। डॉक्टर के साथ संभावित उपायों पर बात करने के लिए यह एक कीमती शुरुआत है, हार्मोन थेरेपी के साथ या उसके बिना।
डॉक्टर से कब मिलें
अगर लक्षण तुम्हारी रोज़ की ज़िंदगी पर असर डालते हैं तो अपनी डॉक्टर से बात करो, और अगर मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग हो (आख़िरी पीरियड के 12 महीने से ज़्यादा बाद), तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलो।
Ragnagna कोई मेडिकल उपकरण नहीं है और किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह की जगह नहीं लेता। शक हो तो अपनी डॉक्टर, दाई या स्त्री रोग विशेषज्ञ से बात करो।