प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम: इसे पहचानो और पहले से जान लो
पीरियड से पहले के दिनों में बहुत-सी महिलाएँ ज़्यादा थकी, ज़्यादा चिड़चिड़ी या फूली हुई महसूस करती हैं। अच्छी ख़बर: इसे दर्ज करके तुम पहले से जान सकती हो कि यह कब आएगा।
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम क्या है?
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) शारीरिक और भावनात्मक लक्षणों का एक समूह है जो पीरियड से एक या दो हफ़्ते पहले दिखते हैं, और पीरियड शुरू होते ही चले जाते हैं। यह बहुत आम है, और हर किसी में इसकी तीव्रता बहुत अलग होती है।
सबसे आम लक्षण
- स्तनों में दर्द या सूजन, पेट फूलना, कुछ समय के लिए वज़न बढ़ना (पानी)।
- थकान, नींद की परेशानी, सिरदर्द।
- चिड़चिड़ापन, उदासी, बेचैनी, बात-बात पर रोना आना।
- खाने की तलब, मीठा या नमकीन खाने का मन।
- मुँहासे, कमर के निचले हिस्से में दर्द।
पहचान: कई चक्रों तक दर्ज करो
PMS की पहचान उसका समय है: लक्षण चक्र के एक ही समय पर लौटते हैं और पीरियड के साथ चले जाते हैं। दो-तीन चक्रों तक इन्हें दर्ज करने से इसकी पुष्टि होती है, और तुम पहले से तैयारी कर सकती हो: जब तुम्हें पता हो कि तीन दिन में थकान आने वाली है, तो तुम अपना काम हल्का रख सकती हो।
क्या मदद कर सकता है
- पूरी नींद लेना और नियमित रूप से चलना-फिरना, चाहे हल्का ही सही।
- उन दिनों में नमक, कैफ़ीन और शराब कम करना।
- ऊर्जा की अचानक कमी से बचने के लिए समय पर खाना।
डॉक्टर से कब मिलें
अगर लक्षण इतने तेज़ हैं कि तुम्हारी ज़िंदगी, काम या रिश्तों पर असर डालते हैं, तो डॉक्टर से बात करो: इसका एक गंभीर रूप भी होता है (प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फ़ोरिक डिसऑर्डर) और इसके इलाज मौजूद हैं।
Ragnagna कोई मेडिकल उपकरण नहीं है और किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह की जगह नहीं लेता। शक हो तो अपनी डॉक्टर, दाई या स्त्री रोग विशेषज्ञ से बात करो।